
मंडी/सुंदरनगर, 24 अगस्त : जहां व्यापारियों द्वारा सामाजिक हित्त को लेकर व्यापार मंडल का गठन किया जाता है। तो वहीं हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में व्यापार मंडल सुंदरनगर पर व्यापारियों से करोड़ों रुपयों का फर्जीवाड़ा करने के गंभीर आरोप लगे हैं। बता दें कि हमेशा सुर्खियों में रहने वाला व्यापार मंडल सुंदरनगर बीते 30 वर्षों से सैंकड़ों व्यापारियों की नुमाइंदगी कर रहा है। लेकिन बीते रोज 24 अगस्त को व्यापार मंडल का पंजीकरण हिमाचल प्रदेश सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट,2006 के तहत डिप्टी रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटी सुंदरनगर द्वारा किया गया है। मामले को लेकर प्रदेश संयुक्त व्यापार संगठन के प्रदेश संगठन सचिव सुरेश कौशल ने सुंदरनगर में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि करीब तीन दशकों से अधिक के समय से व्यापार मंडल को धर्मपुर के महिला ग्राम उद्योग के नाम पर चलाकर व्याारियों से रसीद के नाम पर धन की उगाही की जा रही है। इन वर्षों में करीब तीन करोड़ से अधिक की राशि एकत्रित की गई है। उन्होंने प्रशासन से व्यापार मंडल सुंदरनगर का आडिट करवाने की मांग की है,जिससे सारी सच्चाई सामने आ सके। सुरेश कौशल ने कहा कि 1992 से 2002 तक व्यापार मंडल सुंदरनगर के नाम पर करीब 315 व्यापारी पंजीकृत थे। इस कार्यकाल में व्यापारियों से प्रतिवर्ष 150 रूपये की रसीद काटी जाती थी। इसके बाद 2002 से 2022 में मंडल के साथ 541 के करीब सदस्यों से प्रतिवर्ष 300 से 500 रूपये की रसीद काटी जाती रही। 32 वर्षों के इस समयावधि में यह राशि 3 करोड़ के करीब बनती है। उन्होंने व्यापार मंडल से इस सारी राशि का हिसाब व्यापारियों को देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस सारे प्रकरण को लेकर संयुक्त व्यापार संगठन द्वारा आगामी कार्रवाई के लिए कानूनी सहायता भी ली जाएगी।
उधर, उपमंडल अधिकारी सुंदरनगर धर्मेश रामोत्रा ने बताया कि हाल ही में व्यापार मंडल सुंदरनगर को पंजीकृत किया गया है. अगर मामले को लेकर शिकायत प्राप्त होती है मामले पर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


Author: Daily Himachal News
