
कांगड़ा/नूरपुर, 25 अगस्त (भूषण शर्मा) : पुरानी पेंशन बहाली के लिए हम दोषी नहीं वाले बयान पर न्यु पेंशन स्कीम रिटायर्ड कर्मचारी अधिकारी महासंघ हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजीव गुलेरीया ने कहा कि जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं. और वो अपनी जिम्मेदारी से बच कर भाग नहीं सकते। डॉ. संजीव गुलेरीया ने कहा कि एम.ओ.यू 2003 में साइन नहीं किया गया था, मुख्यमंत्री सरासर झूठ बोल रहे हैं. उन्होंने कहा की एम.ओ.यू 22 मार्च 2010 को हिमाचल सरकार और एन.पी.एस ट्रस्ट के बिच साइन किया गया था। उस वक्त किस पार्टी की सरकार सत्तारुढ़ थी मुख्यमंत्री को मालूम होना चाहिए। राजस्थान, झारखंड व छत्तीसगढ़ सरकार ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कर दी है और आंध्रप्रदेश सरकार ने भी शीघ्र पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की आवश्यकता को देखते हुए कार्मिक विभाग को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
डॉ. संजीव गुलेरीया ने कहा पुरानी पेंशन व्यवस्था को अगर अन्य राज्य बहाल कर सकते हैं तो जयराम ठाकुर की भाजपा सरकार क्यों नहीं। संजीव गुलेरीया ने कहा कि अगर कर्मचारियों अधिकारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल नहीं करनी है तो जयराम सरकार अपने सांसदों व विधायकों के मानदेय भत्ते व पेंशन भी बंद करें। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल नहीं करते तो मिशन रिपिट भाजपा का सिर्फ सपना ही रह जाएगा। उन्होंने कहा की अधिकारी करुणामूलक नौकरी के इन्तजार में आंदोलनरत, रोज़गार के लिए भटक रहे है। लेकिन सरकार का इस ओर कोई भी ध्यान नहीं है।


Author: Daily Himachal News
