
डेली हिमाचल न्यूज़ : मंडी
भारतीय ट्रेड यूनियन के आवाहन पर मनरेगा एवं भवन निर्माण मजदूर यूनियन के मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर श्रमिक कल्याण बोर्ड के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। मजदूरों का कहना है श्रमिक कल्याण बोर्ड के तहत जो वित्तीय लाभ उन्हें पहले मिलते थे वह पिछले तीन सालों से नहीं मिल रहे है। वहीं बोर्ड ने मजदूरों की पंजीकरण की प्रक्रिया को भी जटिल कर दिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मजदूरों को कई तरह की परेशानियां पेश आ रही हैं। मजदूरों ने मांग उठाई है कि बोर्ड के द्वारा पंजीकरण की प्रक्रिया भी सरल की जानी चाहिए। वहीं धरना प्रदर्शन के माध्यम से मजदूरों ने सरकार से बोर्ड की धनराशि का दुरुपयोग करने की भी आरोप लगाए। मजदूरों ने मांग की है कि बोर्ड की धनराशि केवल मजदूरों के कल्याण के अलावा कहीं और खर्च नहीं होनी चाहिए। इस मौके पर सीटू जिला सचिव राजेश शर्मा ने बताया कि श्रमिक कल्याण बोर्ड ने मनरेगा मजदूरों का कल्याण बोर्ड से बाहर करने का जो निर्णय लिया है, वह बहुत की गलत है। जबकि मनरेगा जॉब कार्ड के तहत भवन निर्माण से संबंधित कई कार्य मजदूरों द्वारा ही किए जाते है। उन्होंने कहा कि अभी मजदूर अपनी मांगों को लेकर धरना केवल जिला स्तर ही प्रदर्शन ही कर रहे हैं और यदि शीघ्र उनकी मांगों पर गौर नहीं किया जाता हैं तो अगले माह 25 नवंबर से शिमला में सचिवालय के बाहर सरकार का घेराव किया जाएगा।


Author: Daily Himachal News
