
डेली हिमाचल न्यूज़ : किन्नौर –
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के रेड अलर्ट से पहले ही प्रकृति ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार शाम किन्नौर जिले के सांगला क्षेत्र में अचानक आई फ्लैश फ्लड ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। पटवार वृत रक्छम के अंतर्गत मस्तरंग में आई बाढ़ के कारण आईटीबीपी कैंप के समीप सांगला-चितकुल सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। जानकारी के अनुसार, शाम करीब 5 बजे मस्तरंग नाले में अचानक जलस्तर बढ़ने से भारी मात्रा में पत्थर, चट्टानें और मलबा सड़क पर आ गया। इसके चलते दोनों ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। राहत की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
लगातार हो रही बारिश के कारण किन्नौर सहित प्रदेश के कई संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

इधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश में 18 से 22 जुलाई तक भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 20 और 21 जुलाई को कई जिलों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि प्रदेश में 24 जुलाई तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, 18 जुलाई को चंबा, मंडी और कांगड़ा जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 19 जुलाई को मानसून और अधिक सक्रिय होगा। इस दिन कांगड़ा, मंडी और शिमला में ऑरेंज अलर्ट, जबकि हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, सिरमौर, सोलन, ऊना और बिलासपुर में येलो अलर्ट रहेगा।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। 20 और 21 जुलाई को प्रदेश के कई हिस्सों में अत्यधिक बारिश के साथ फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और सड़कें बाधित होने की आशंका जताई गई है।
Author: Daily Himachal News
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