
डेली हिमाचल न्यूज़ – सुंदरनगर/दिल्ली : पुनर्वास परिषद भारत (RCI) के तत्वावधान में सतत पुनर्वास शिक्षा (CRE) कार्यक्रम के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार का विषय “प्री-सीआरआर कार्यक्रम (D.I.S.L.I. एवं D.T.I.S.L.) तथा केंद्रीय पुनर्वास रजिस्टर (CRR): पुनर्वास पेशेवरों की व्यावसायिक पहचान रहा। ऑनलाइन आयोजित यह कार्यक्रम करीब एक घंटे तक चला, जिसमें देशभर से कुल 107 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारतीय सांकेतिक भाषा प्रशिक्षक एवं सीआरई कार्यक्रम समन्वयक चंद्रकेतु रहे। उन्होंने सीआरआर मानदंड एवं दिशा-निर्देश: केंद्रीय पुनर्वास रजिस्टर (CRR) में पंजीकरण विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पंजीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक योग्यताओं और पुनर्वास क्षेत्र में व्यावसायिक मान्यता के महत्व पर प्रकाश डाला।
वेबिनार के माध्यम से प्रतिभागियों को सीआरआर पंजीकरण की प्रक्रिया की स्पष्ट समझ प्राप्त हुई और पुनर्वास पेशेवरों की पहचान को मजबूत बनाने में सहायता मिली। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष मंजीत सिंह सैनी के सहयोग और अनुमति को विशेष रूप से सराहा गया। वहीं, छात्र इंटर्न कोमल ने दुभाषिया के रूप में प्रभावी भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें भी प्रशंसा मिली।
मुख्य उद्देश्य : सीआरआर पंजीकरण के मानदंड एवं दिशा-निर्देशों की जानकारी देना, पुनर्वास पेशेवरों की व्यावसायिक पहचान के प्रति जागरूकता बढ़ाना, प्रतिभागियों को पंजीकरण प्रक्रिया में मार्गदर्शन प्रदान करना है।

परिणाम : वेबिनार के दौरान प्रतिभागियों ने सीआरआर पंजीकरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी हासिल की और पुनर्वास क्षेत्र में व्यावसायिक मान्यता के महत्व को समझा। कार्यक्रम ने पेशेवर दक्षता और पहचान को सुदृढ़ करने की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाई।
Author: Daily Himachal News
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