हिमाचल में गहराया स्मार्ट मीटर विवाद : शिमला निवासी अतुल शर्मा ने HPSEBL की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

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डेली हिमाचल न्यूज़ – शिमला : हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर प्रदेश की राजधानी शिमला में विवाद गहरा हो गया है। राजधानी के एक स्थानीय निवासी कैप्टन अतुल शर्मा ने बोर्ड के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना को एक विस्तृत और कड़ा पत्र लिखकर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पत्र में स्मार्ट मीटरों की अनिवार्य स्थापना, बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायतों और उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्मार्ट मीटरों के कारण कई उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत अधिक बिल प्राप्त हो रहे हैं, जिनकी शिकायतों का समाधान संतोषजनक ढंग से नहीं किया जा रहा। अतुल शर्मा का कहना है कि उपभोक्ताओं की आपत्तियों को बिना निष्पक्ष जांच के खारिज किया जाना उचित प्रक्रिया के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने बोर्ड से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही पत्र में स्मार्ट मीटरों के माध्यम से एकत्र किए जा रहे डाटा की सुरक्षा पर भी प्रश्न उठाए गए हैं। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट डाटा सुरक्षा प्रोटोकॉल सार्वजनिक किए जाने चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि यदि पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं हैं, तो इससे निजता के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

अतुल शर्मा ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की जबरन स्थापना या विरोध करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देना उचित नहीं है। उनके अनुसार, उपभोक्ताओं को अपनी चिंताओं को शांतिपूर्वक व्यक्त करने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने मांग की है कि स्मार्ट मीटरों की स्थापना प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों व उपभोक्ता प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति गठित की जाए, जो मीटरों की कार्यप्रणाली, बिलिंग प्रणाली और डाटा सुरक्षा का स्वतंत्र ऑडिट करे। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि उपभोक्ताओं की शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो मामला उच्च न्यायालय और उपभोक्ता न्यायालय में ले जाया जा सकता है।


इस पूरे घटनाक्रम के बाद हिमाचल प्रदेश सहित शिमला में स्मार्ट मीटरों को लेकर चर्चा और बहस तेज हो गई है। अब देखना होगा कि HPSEBL उपभोक्ताओं की इन आशंकाओं और मांगों पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है।

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