28 गेंदों में शतक, 50 में 176 रन, हिमाचल के अजय ने तोड़ा क्रिस गेल का रिकॉर्ड, पढ़े पूरी खबर

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डेली हिमाचल न्यूज़ – चंबा : हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के छोटे से गांव जुम्हार के रहने वाले अजय शर्मा ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, इंसान इतिहास रच सकता है। इंडिया पैरा क्रिकेट में अजय ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखते हुए क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित जोनल क्रिकेट टूर्नामेंट में अजय शर्मा ने विस्फोटक प्रदर्शन करते हुए महज 50 गेंदों में नाबाद 176 रन ठोक दिए। 15 ओवर के इस मुकाबले में सेंट्रल जोन के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने 19 छक्के और 12 चौकों की मदद से मैदान पर तूफान ला दिया। खास बात यह रही कि अजय ने केवल 28 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया। इस ऐतिहासिक पारी के साथ उन्होंने टी-20 क्रिकेट में क्रिस गेल के 175 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

हादसे ने बदली जिंदगी, लेकिन हौसले नहीं टूटे :

अजय का यह सफर संघर्षों से भरा रहा है। बचपन से क्रिकेट के प्रति जुनून रखने वाले अजय अंडर-16 और अंडर-19 स्तर पर खेल चुके थे। लेकिन एक दिन पिता की चाय की रेहड़ी पर काम करते समय वह हाई वोल्टेज तारों की चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि वह कई फीट दूर जा गिरे और 9 दिनों तक कोमा में रहे। गंभीर हालत में उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां उनकी जान बचाने के लिए 8 ऑपरेशन करने पड़े। इलाज पर 15 लाख रुपये से अधिक खर्च हुआ, जिसे उनके पिता ने कर्ज लेकर पूरा किया।

डिप्रेशन से वापसी, फिर थामा बल्ला :

इस हादसे के बाद अजय का जीवन पूरी तरह बदल गया। करीब तीन साल बाद वह चलने-फिरने के काबिल तो हुए, लेकिन उनका शरीर पहले जैसा नहीं रहा। क्रिकेट से दूरी ने उन्हें गहरे अवसाद में डाल दिया, लेकिन परिवार, खासकर बड़े भाई नितिन शर्मा के सहयोग ने उन्हें फिर से खड़ा होने की ताकत दी। अजय ने एक बार फिर मैदान का रुख किया और अपनी मेहनत से खुद को साबित कर दिखाया।

आज हैं पैरा क्रिकेट का बड़ा नाम :

आज अजय शर्मा इंडिया पैरा क्रिकेट में एक पहचान बना चुके हैं। वह 15 से अधिक राष्ट्रीय टूर्नामेंट और सीरीज में हिस्सा ले चुके हैं और चेन्नई में इंडिया ए टीम का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। इसके अलावा 7 राष्ट्रीय और एक अंतरराष्ट्रीय पैरा स्पोर्ट्स में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। अजय की यह कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो मुश्किलों के सामने हार मान लेते हैं। यह साबित करती है कि सच्ची लगन और हिम्मत से हर असंभव को संभव बनाया जा सकता है।

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