
डेली हिमाचल न्यूज़ – डेस्क : आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए गठिया रोग के प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शारदा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता प्रदान की गई है। इसके साथ ही वे यह सम्मान प्राप्त करने वाले भारत के पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर बन गए हैं। यह उपलब्धि न केवल डॉ. शारदा के लिए बल्कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति और उनके द्वारा स्थापित डॉ. शारदा आयुर्वेद संस्थान के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है। डॉ. मुकेश शारदा लंबे समय से आयुर्वेदिक पद्धति के माध्यम से गठिया सहित कई जटिल और पुरानी बीमारियों के उपचार के लिए जाने जाते हैं। उनके द्वारा स्थापित डॉ. शारदा आयुर्वेद संस्थान पिछले कई वर्षों से हजारों मरीजों को आयुर्वेदिक उपचार प्रदान कर रहा है। संस्थान में पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान और आधुनिक अनुसंधान के समन्वय से उपचार की विशेष पद्धति अपनाई जाती है, जिससे मरीजों को बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। संस्थान की शाखाएं उत्तर भारत के कई शहरों में संचालित हो रही हैं, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के चक्कर क्षेत्र में स्थित शाखा में भी लोगों ने इस संस्थान पर गहरा विश्वास जताया है और बड़ी संख्या में मरीज यहां उपचार के लिए आते हैं।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 1400 लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान कई मरीजों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि डॉ. शारदा के उपचार से उन्हें वर्षों पुरानी बीमारियों से राहत मिली है। लोगों का कहना था कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की यह मान्यता डॉ. शारदा आयुर्वेद द्वारा किए जा रहे कार्यों की विश्व स्तर पर पुष्टि है और इससे उनका विश्वास और मजबूत हुआ है।

इस अवसर पर डॉ. मुकेश शारदा ने कहा कि यह उपलब्धि उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम नहीं, बल्कि मरीजों और लोगों के अटूट विश्वास का फल है। उन्होंने कहा कि लोगों के सहयोग और भरोसे की बदौलत ही उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो सका है। डॉ. शारदा ने कहा कि भविष्य में भी उनका लक्ष्य आयुर्वेद की प्राचीन और प्रभावी चिकित्सा पद्धति को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है, ताकि प्राकृतिक और सुरक्षित उपचार के माध्यम से समाज को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान किया जा सके।
Author: Daily Himachal News
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