
डेली हिमाचल न्यूज़ : मंडी
रक्षाबंधन पर मंडी में चीड़ की पत्तियों और गोबर से बनी राखियां न सिर्फ लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रही, बल्कि लोगों ने जमकर इनकी खरीददारी भी की। यह पहला मौका था जब मंडी में रक्षाबंधन पर दो स्थानीय लोगों ने प्राकृतिक वस्तुओं का इस्तेमाल करते हुए राखियों का निर्माण किया था। चीड़ से बनी राखियां संतोष सचदेवा ने बनाई थी जिनका स्टाल सेरी मंच पर लगा हुआ था जबकि गोबर की राखियां श्री कामधेनू उद्योग के संस्थापक करण सिंह ने बनाई थी जिनका स्टाल इंदिरा मार्किट स्थित आजीविका केंद्र में लगा हुआ था। लोगों ने इन राखियों के प्रति अपना खासा उत्साह दिखाया। राखियां खरीदने आए लोगों ने इनके बारे में विस्तार से जानकारी भी हासिल की और इन्हें खरीदकर अपने भाईययों की कलाईयों पर भी बांधा।


चीड़ की पत्तियों से राखियां बनाने वाली संतोष सचदेवा ने बताया कि उन्होंने तीन दिनों तक स्टाल लगाकर लगभग 15 हजार की कीमत वाली राखियां बेची हैं। मीडिया के माध्यम से उनके इस प्रॉडक्ट की जो पब्लिसीटी हुई थी उसका खासा असर देखने को मिला। लोगों ने इन राखियों के प्रति अपना खासा उत्साह दिखाया। संतोष सचदेवा ने बताया कि अगले रक्षाबंधन तक चीड़ की पत्तियों के साथ अनाज की राखियां बनाकर बाजार में उतारी जाएंगी ताकि लोगों को हर साल कुछ नया खरीदने को मिल सके।


Author: Daily Himachal News
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