
डेली हिमाचल न्यूज़ – सुंदरनगर : कंपोजिट रीजनल सेंटर (सीआरसी) सुंदरनगर जो दिव्यांगजनों के पुनर्वास एवं विशेष शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में जाना जाता है ने ओन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) योजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल का आयोजन किया। इस अवसर पर सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुंदरनगर की कक्षा नौवीं और दसवीं की कुल 38 छात्राओं ने सीआरसी का शैक्षणिक भ्रमण किया और यहां संचालित विभिन्न पुनर्वास सेवाओं की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। छात्राओं के साथ चार सहायक शिक्षक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम के दौरान मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस कार्यक्रम का सफल संयोजन सीआरसी के पुनर्वास अधिकारी डॉ. प्रियदर्शी मिश्र द्वारा किया गया। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए एक प्रारंभिक व्याख्यान दिया, जिसमें सीआरसी की स्थापना, उद्देश्य, कार्यक्षेत्र तथा यहां उपलब्ध विभिन्न सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। डॉ. मिश्र ने बताया कि सीआरसी सुंदरनगर केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण इकाई है, जो दिव्यांगजनों को चिकित्सा, शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं सामाजिक पुनर्वास सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है। उन्होंने राष्ट्रीय योजनाओं, विशेषकर एडीआईपी (एडिप) योजना के अंतर्गत सहायक उपकरणों के वितरण की प्रक्रिया और लाभों पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को कृत्रिम अंग एवं कैलिपर (प्रोस्थेटिक एंड ऑर्थोटिक) कार्यशाला, फिजियोथेरेपी इकाई तथा पीएमडीके इकाई का भ्रमण कराया गया। इन इकाइयों में कार्यरत विशेषज्ञों ने छात्राओं को उपकरण निर्माण, फिटिंग प्रक्रिया, फिजियोथेरेपी अभ्यास तथा दिव्यांगजनों की कार्यक्षमता बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी। छात्राओं ने उत्सुकता के साथ प्रश्न पूछे और प्रत्यक्ष प्रदर्शनों का अवलोकन किया, जिससे उन्हें पुनर्वास सेवाओं की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला।
इस अवसर पर स्कूल के प्राचार्य श्री लालमन चंदेल भी छात्राओं के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण न केवल किताबी ज्ञान को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ते हैं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और करुणा के भाव को भी विकसित करते हैं। उन्होंने सीआरसी प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल से छात्राओं में विशेष शिक्षा और पुनर्वास के क्षेत्र में करियर बनाने की प्रेरणा भी मिल सकती है।
बता दे की ओजेटी योजना के अंतर्गत आयोजित यह सत्र दो दिवसीय है। कल के सत्र में ब्रेल साक्षरता, ओरिएंटेशन एंड मोबिलिटी ट्रेनिंग तथा अन्य पुनर्वास सेवाओं का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे छात्राओं को दृष्टिबाधित एवं अन्य दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को समझने का और अधिक अवसर मिलेगा। गौरतलब है कि यह ओजेटी कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की संयुक्त पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य स्कूली छात्र-छात्राओं को विशेष शिक्षा के क्षेत्र में करियर अवसरों से परिचित कराना है। सीआरसी सुंदरनगर हिमाचल प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए एकल खिड़की सेवा प्रदान करने वाला प्रमुख केंद्र है, जो प्रतिवर्ष सैकड़ों लाभार्थियों को सहायता उपलब्ध कराता है और समाज में समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
Author: Daily Himachal News
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