HIMACHAL : तकनीकी शिक्षा विभाग ने संकाय विकास के लिए IIT मंडी के साथ समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर…

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मंडी : तकनीकी शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश सरकार और आईआईटी मंडी ने प्रौद्योगिकी और इसके अनुप्रयोगों में नवीनतम प्रगति की चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के शिक्षकों के साथ-साथ राज्य के आईटीआई शिक्षकों के प्रशिक्षण और उन्नयन की सुविधा के लिए सहमति व्यक्त की है। इस संदर्भ में निदेशक तकनीकी शिक्षा विवेक चंदेल, निदेशक आईआईटी मंडी, प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा, नॉर्थ कैंपस, आईआईटी मंडी द्वारा एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। दोनों संगठनों ने इस एमओयू के तहत तुरंत काम करना शुरू कर दिया है। इस समझौते के अनुसार पहले चरण में आईआईटी मंडी संस्थान, तकनीकी शिक्षा विभाग के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में से प्रत्येक श्रेणी के बीस बीस फैकल्ट्री के पहले बैच को प्रशिक्षण प्रदान करेगी। प्रत्येक बैच जुलाई और अगस्त 2022 में आईआईटी मंडी में सात दिनों का पूर्ण आवासीय संकाय विकास कार्यक्रम करेगा। इस कार्यक्रम में संकाय अपने विषय कौशल को उन्नत करने के लिए नवीनतम जानकारी और प्रौद्योगिकी प्रगति के गुर सीखेंगे। इस मौके पर सतत शिक्षा केंद्र के प्रमुख एवं स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग आईआईटी मंडी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. तुषार जैन सहित तकनीकी शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। वही हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा ने यह उपलब्धि हासिल करने के लिए निदेशक तकनीकी शिक्षा और विभाग को बधाई दी है।

वही तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक विवेक चंदेल ने कहा है कि विभाग तकनीकी क्षेत्र की प्रगति के साथ – साथ प्रबंधन कौशल के अनुसार संकाय और प्रशिक्षकों के कौशल को अद्यतन और उन्नत कर रहा है ताकि संस्थानों के प्रशिक्षण और प्रशासन की गुणवत्ता में सुधार हो सके । इस उद्देश्य के लिए विभाग न केवल उद्योग 4.0 की आवश्यकता के अनुसार नए पाठ्यक्रम लेकर आ रहा है. बल्कि उद्योग और प्रतिष्ठित संस्थानों के लिए विभागीय पहुँच बढ़ाने का भी प्रयास कर रहा है।

इस संबंध में निदेशालय के साथ-साथ संस्थान विभिन्न समझौता ज्ञापन कर रहे हैं। इससे विभाग को न केवल राज्य के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी बल्कि उन्हें वैश्विक परिदृश्य में बेहतर रोजगार के लिए तैयार करने में भी मदद मिलेगी। विभाग इस साल नए उभरते क्षेत्रों में इंजीनियरिंग कोर्स शुरू करने जा रहा है जिसमें प्रथमतया बीटेक (सीएसई) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के साथ-साथ नवीनतम एम.टेक कार्यक्रम जवाहर लाल राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय में प्रारंभ होंगे। निश्चित रूप से इस तरह के समझौते प्रशिक्षण और शासन में गुणवत्ता लाने में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। विवेक चंदेल नें कहा कि विभाग भविष्य में भी गुणवत्ता सुधार के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों और संगठनों के साथ इस तरह के समझौता ज्ञापन करता रहेगा।

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