
डेली हिमाचल न्यूज़ – चंबा : बीती 28, 29 और 30 अगस्त 2025 को क्षेत्र में हुई मूसलधार वर्षा के चलते चंबा-भरमौर मार्ग पर कई स्थानों पर भारी भूस्खलन हुआ। इस कारण मणिमहेश यात्रा अस्थायी रूप से निलंबित करनी पड़ी और हजारों श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए। इस आपात स्थिति में 14वीं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम कमांडेंट बलजिन्दर सिंह के मार्गदर्शन और निरीक्षक दीपक सिंह असवाल के नेतृत्व में 30 अगस्त को जिला उपायुक्त कार्यालय चंबा पहुंची। टीम ने त्वरित रणनीति बनाकर विभिन्न स्थलों पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। और
30 अगस्त को राख के पास 192 तीर्थयात्री, बग्गा प्रथम चरण में 167 तीर्थयात्री, बग्गा द्वितीय चरण, रात्रि ऑपरेशन में 270 तीर्थयात्री सुरक्षित निकाले।
31 अगस्त को जारी रहा बचाव अभियान

इसी बिच बग्गा और धरवाला भरमौर की ओर दो अत्यंत संवेदनशील भूस्खलन स्थलों पर NDRF की टीमें सक्रिय रहीं। कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, टीम ने लगातार राहत कार्य जारी रखा और 830 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
NDRF की प्रतिबद्धता :
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने साबित किया है कि वह नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर हर परिस्थिति में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और राहत सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है। विपरीत मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद ऑपरेशन लगातार जारी है।

Author: Daily Himachal News
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