
मंडी/धर्मपुर : 60 साल से अधिक आयु वाले बुजुर्ग मनरेगा में मजदूरी तो कर सकते हैं लेकिन उन्हें मनरेगा मजदूरों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ नहीं मिलता। जब इस बात का पता धर्मपुर की सहारा फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष रजत ठाकुर को चला तो उन्होंने इन बुजुर्गों का ’’सहारा’’ बनने की सोची। सभी के साथ चर्चा करने के बाद पता चला कि बहुत से बुजुर्ग सिर्फ सुबह खाना खाकर दिन भर मनरेगा के कार्यों में पसीना बहाते हैं। वो दोपहर का भोजन सिर्फ इसलिए नहीं कर पाते, क्योंकि भोजन ले जाने के लिए उनके पास कोई साधन नहीं होता। कुछ मजदूर लिफाफे में रोटी लपेटकर ले जाते हैं। ऐसे में सहारा फाउंडेशन ने 60 साल से अधिक आयु वाले उन सभी बुजुर्गों को टिफिन बांटने का निर्णय लिया, जिनके जॉब कार्ड बने हुए हैं। सहारा फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष रजत ठाकुर ने बताया कि धर्मपुर क्षेत्र की 50 पंचायतों में 15 हजार टिफिन बांटने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से अभी तक 35 पंचायतों में 10 हजार बुजुर्गों को ये टिफिन बांटे जा चुके हैं। शेष पंचायतों में टिफिन बांटने का कार्य जारी है।
गांव के गरीब मजदूर को सहारा फाउंडेशन की तरफ से ये टिफिन पूरी तरह से निशुल्क बांटे जा रहे हैं। वहीं मनरेगा मजदूर उन्हें दिए जा रहे टिफिन को लेकर खासे खुश नजर आ रहे हैं। 60 वर्ष से अधिक आयु वाले मनरेगा मजदूर ध्रुव चंद, सोहन सिंह, सत्या देवी और मीरा देवी ने इस अनुपम कार्य के लिए सहारा फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष रजत ठाकुर और उनकी पूरी टीम का आभार जताया है।

Author: Daily Himachal News
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