
मंडी : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर आम आदमी पार्टी के निशाने पर हैं. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिक्षा व्यवस्था पर बयान दिया था कि हिमाचल में किसी और मॉडल की जरूरत नहीं है, क्योंकिं यहां का मॉडल बेहतर है। सीएम के इस बयान को AAP नेता ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया और निंदनीय करार दिया। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता पंकज पंडित ने कहा कि पहली बार विधानसभा चुनाव में राजनीति नहीं बल्कि बुनियादी सुविधाओं पर बात हो रही है। आम आदमी पार्टी के मुख्य मुद्दे शिक्षा और स्वास्थ्य हैं, जिस पर आम आदमी इस बार खुलकर बात कर रहे हैं।
बीते दिन दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने शिमला में शिक्षा व्यवस्था पर लोगों से जन संवाद किया, जिसमें खुलकर यह बात सामने आई कि हिमाचल में शिक्षा की हालत बेहद खराब है। इसपर सीएम जयराम ठाकुर ने बयान दिया था कि हिमाचल में किसी दूसरे मॉडल की आवश्यकता नहीं. पंकज पंडित ने कहा, जयराम ठाकुर के बयान का सीधा संकेत है कि शिक्षा कभी भी प्रदेश सरकार की प्राथमिकता नहीं रही है। उन्होंने सीएम से पूछा कि वर्तमान मॉडल से आपका मतलब किस मॉडल से है। क्या प्रदेश में स्कूल बिना शिक्षा के चलेंगे, क्या प्रदेश में प्राइवेट स्कूल के नाम पर लूट जारी रहेगी, क्या सरकार का किसी तरह से नियंत्रण नहीं रहेगा, क्या प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता पर कोई सुधार नहीं होगा। आम आदमी पार्टी सीएम से पूछना चाहती है कि क्या वर्तमान शिक्षा मॉडल सीएम का शिक्षा मॉडल है।
सरकारी स्कूलों को उजाड़कर निजी स्कूलों के साथ मिलकर की जा रही लूट :
पंकज पंडित ने सीएम को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सीएम लगातार दावा करते हैं कि मंडी जिले में उन्होंने बहुत बदलाव किया है। जबकि सीएम के गृह जिले में 534 सरकारी स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। क्या यह बदलाव है। क्या वे इसी मॉडल की बात कर रहे हैं, सीएम जबाब दें। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों से मीडिया में सरकारी स्कूलों की दयनीय स्थिति को लेकर रोजाना खबरें आ रही हैं। कई स्कूलों में 200 छात्रों पर सिर्फ दो शिक्षक हैं। यही प्रदेश सरकार का मॉडल है, जिसका सीएम जयराम समर्थन करते हैं। इससे पता चलता है कि प्रदेश सरकार कभी भी शिक्षा की बात नहीं करती। एक साजिश के तहत सरकार गरीब और आम जनता को शिक्षा ग्रहण करने से वंचित कर रही है। प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों को जानबूझकर उजाड़ने का काम कर रही है, ताकि निजी स्कूलों के साथ मिलकर लूट की जा सके।
भाजपा प्रवक्ता को नहीं पता साक्षरता दर और क्वालिटी शिक्षा में क्या फर्क :
पंकज पंडित ने भाजपा के प्रवक्ता को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि उन्हें नहीं पता कि साक्षरता दर और क्वालिटी शिक्षा में क्या फर्क है। उन्होंने भाजपा प्रवक्ता के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि केरल और हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था में दिन रात का फर्क है। साक्षरता दर और क्वालिटी शिक्षा दोनों अलग अलग विषय हैं, इसलिए भाजपा प्रवक्ता को पहले ज्ञान ग्रहण करना चाहिए उसके बाद ही बयानबाजी करनी चाहिए।
इस बार का चुनाव लाल टोपी पीली टोपी नहीं बल्कि शिक्षा के मुद्दे पर होगा चुनाव :
पंकज पंडित ने कहा कि एक तरफ दिल्ली मॉडल देशभर के लिए मॉडल बन रहा है, जहां एक सत्र में ही 4 लाख से ज्यादा छात्र निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हिमाचल में 2 लाख छात्र हर साल सरकारी स्कूलों से किनारा कर रहे हैं। उन्होंने सरकार को नसीहत दी कि शिक्षा और स्वास्थ्य पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दोनों दलों को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि 40 सालों से भाजपा और कांग्रेस बारी बारी से जनता को लूटने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इस बार पहली बार आम आदमी पार्टी की दस्तक से चुनाव में बुनियादी मुद्दों, शिक्षा और स्वास्थ्य पर बात हो रही है। जहां लोग सड़कों पर उतरकर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल कर रहे हैं, सरकार को कठघरे में खड़ा कर मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं। पहली बार प्रदेश में लाल टोपी, पीली टोपी और निचले हिमाचल और ऊपरी हिमाचल की राजनीति नहीं होगी। पहली बार शिक्षा मुद्दा बना है, जो प्रदेश सरकार की पोल खोल रहा है। दोनों दलों से लोग पूछ रहे हैं कि 40 सालों में क्या किया, क्या सिर्फ जनता को लूटने का काम किया।

Author: Daily Himachal News
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