
डेली हिमाचल न्यूज़ – मंडी – जिला मंडी के धर्मपुर उपमंडल के लाखों लोगों की आस्था का प्रतीक सकरैणी माता का मंदिर इन दिनों सुर्खियों में है। बीती 30 मार्च को पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर का एक वीडियो वायरल होने के बाद यह मंदिर और इसको लेकर चल रहा विवाद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। वारयल वीडियो में नवरात्र के पहले दिन पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर यहां पुजारियों के परिवार की तरफ से बैठी महिला को मंदिर से खदेड़ देते हैं। इनका आरोप है कि पुजारियों की यह टोली मंदिर के पैसों को हड़पने पर तुली हुई है। इसके सबूत के लिए मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे का एक वीडियो महेंद्र सिंह ठाकुर के बेटे रजत ठाकुर द्वारा अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया जाता है। इसे पूरे विवाद की शिकायत धर्मपुर पुलिस थाना के पास पहुंची है और पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
शुक्रवार को मंदिर पहुंचा पुजारियों का परिवार :

पुजारियों का परिवार मंदिर में इसलिए नहीं आ रहा था क्योंकि उनके परिवार में किसी की मृत्यु हुई थी। शुक्रवार को शुद्धि के बाद पुजारियों का पूरा परिवार मंदिर पहुंचा और मंदिर पर अपना पुश्तैनी हक जताया। मंदिर के पुजारी भीम सिंह शर्मा ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर बीते कई वर्षों से मंदिर पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने जबरन मंदिर पर कब्जा कर लिया है। संचालन कमेटी के नाम से अलग से एक कमेटी का गठन किया है और यह कमेटी पैसों का गबन कर रही है। मंदिर किसी व्यक्ति विशेष द्वारा नहीं, बल्कि लोगों के द्वारा बनाया गया है।
पुजारियों का पुश्तैनी हक बहाल किया जाए :
भीम सिंह शर्मा ने कहा कि पुजारियों के परिवार की एक ही मांग है कि उनका जो पुश्तैनी हक है उसे बहाल किया जाए। पीढ़ी दर पीढ़ी यह परिवार मंदिर के पुजारी के रूप में कार्य करता आ रहा है। इस कार्य को जबरन छीन लिया गया है इसलिए इसे बहाल किया जाए और जो मंदिर के लिए कमेटियां बनी हैं वो गर्भ गृह के बाहर अपना कार्य करती रहें।
महेंद्र सिंह ने बनवाया है मंदिर, पुजारियों को मिलता है वेतन :
वहीं, मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने पुजारियों की तरफ से पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर पर लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इस पूरे प्रकरण को उन्हें बदनाम करने की साजिश बताया है। मंदिर कमेटी के स्टोर कीपर एवं वरिष्ठ नागरिक रेवत राम ने बताया कि मंदिर का निर्माण पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने करवाया है। माता की पींडी महेंद्र सिंह ठाकुर के पड़दादा को ही खुदाई में मिली थी। मंदिर भी उन्हीं ने बनवाया था। उन्होंने मंदिर में पूजा के लिए पुजारियों को नियुक्त किया था और उन्हें इसके बदले में मासिक वेतन मिलता है।
चढ़ावे को हड़प रहे पुजारी, सिर्फ अपने वेतन से रखें मतलब :
मंदिर कमेटी के प्रधान दामोदार दास का कहना है कि मंदिर में जो भी चढ़ावा चढ़ रहा है उसे पुजारी ही हड़प रहे हैं। यह मंदिर में जबरन घुसने की कोशिश कर रहे हैं। यह पुजारी चढ़ावे का एक रूपया भी मंदिर कमेटी को नहीं दे रहे और न ही मंदिर में प्रवेश करने दे रहे हैं। यह किसी भी लिहाज से उचित नहीं है। हम यही चाहते हैं कि जैसा कार्य कमेटी पहले से करती आ रही है वैसे ही अब भी करती रहे। पुजारी जैसे वेतन लेकर कार्य कर रहे हैं वैसे ही करते रहें, हम इसके लिए तैयार हैं।
अब प्रशासन करवाएगा दोनों पक्षों में वार्ता :
शुक्रवार को मंदिर से माता की पालकी को धर्मपुर मेले के लिए ले जाया जाना था और इसी दौरान यहां पुजारियों का परिवार भी आना था। इसलिए किसी भी तरह का कोई विवाद न हो, इसके लिए धर्मपुर थाना पुलिस की टीम मौके पर तैनात रही। कड़ी सुरक्षा के बीच माता की पालकी को ले जाया गया। डीएसपी धर्मपुर संजीव सूद ने बताया कि यह मामला पुलिस के पास पहुंचा है और अब इसे एसडीएम धर्मपुर को भेजा जा रहा है। मामला लोगों की धार्मिक आस्था के साथ जुड़ा है इसलिए एसडीएम के माध्यम से यही प्रयास किया जाएगा कि दोनों पक्षों के बीच समझौता करवाया जाए, ताकि मंदिर का संचालन सही ढंग से चलता रहे और लोगों की आस्था बनी रहे।

Author: Daily Himachal News
